Kark Lagan Mein Graho ka Phaladesh
कर्क लग्न का संक्षिप्त फलादेश
कर्क लग्न में जन्म लेने वाले जातक का शरीर गौर वर्ण होता है। वह पित्त प्रकृति वाला, जल क्रीड़ा का प्रेमी, मिष्ठान्नभोजी, भले लोगों से स्नेह करने वाला, उदार, विनम्र, बुद्धिमान, पवित्र, श्माशील, धर्मात्मा,बड़ा ढीठ, कन्या- संततिवान, व्यवसायी, मित्रद्रोही, धनी, व्यसनी, शत्रुओं से पीड़ित, स्वभाव से कुटिल, कभी कभी विपरीत – बुद्धि का परिचय देने वाला, अपने जन्म-स्थान को छोड़कर अन्य स्थान में निवास करने वाला और पतले, परन्तु शक्तिशाली शरीर वाला होता है।
कर्क लग्न में सूर्य का सभी स्थानों में फल
जिस जातक का जन्म कर्क लग्न में हुआ हो और जन्म कुंडली के प्रथमभाव में सूर्य की स्थिति हो, उसे सूर्य का फलादेश नीचे लिखे अनुसार समझना चाहिए –
कर्क लग्न में चंद्रमा का सभी स्थानों में फल
कर्क लग्न में मंगल का सभी स्थानों में फल
कर्क लग्न में बुध का सभी स्थानों में फल
कर्क लग्न में गुरु का सभी स्थानों में फल
कर्क लग्न में शुक्र का सभी स्थानों में फल
कर्क लग्न में शनि का सभी स्थानों में फल
जिस जातक का जन्म कर्क लग्न में हुआ हो और जन्म कुंडली के प्रथमभाव में शनि की स्थिति हो , उसे शनि का फलादेश नीचे लिखे अनुसार समझना चाहिए –