April 2024

स्वक्षेत्रस्थ राशि ग्रहों का असर: सम्पूर्ण विश्लेषण

स्वक्षेत्रस्थ ग्रहों का फल अपनी राशि (क्षेत्र) में स्थित ग्रहों का सामान्य फल नीचे लिखे अनुसार समझना चाहिए – उदाहरण- कुंडली में जिस प्रकार सूर्य स्वक्षेत्री दिखाया गया है, उसी प्रकार अन्य कुंडलियों में भी समझ लेना चाहिए। उदाहरण- कुंडली में जिस प्रकार चन्द्रमा स्वक्षेत्री दिखाया गया है, उसी प्रकार अन्य कुंडलियों में भी समझ […]

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ग्रहों का मूल त्रिकोण राशि में प्रभाव: उच्चतम परिणाम

मूल त्रिकोण राशिगत ग्रहों का फल मूल त्रिकोण राशिगत ग्रहों का सामान्य फल नीचे लिखे अनुसार होता है – उदहारण – कुंडली में सूर्य को जिस प्रकार मूल त्रिकोण राशि में स्थित दिखाया गया है, उसी प्रकार अन्य कुंडलियों में भी समझ लेना चाहिए | उदहारण – कुंडली में चन्द्रमा को जिस प्रकार मूल त्रिकोण

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ग्रहों का उच्च राशियों में स्थानन: विशेष अर्थ और महत्व

उच्च राशिगत ग्रहों का फल उच्च राशिगत ग्रहों का सामान्य फल नीचे लिखे अनुसार होता है – उदाहरण – कुंडली में जिस प्रकार सूर्य को मेष राशि में स्थित दिखाया गया है, उसी प्रकार अन्य कुंडलियों में भी समझ लेना चाहिए उदहारण – कुंडली में जिस प्रकार सूर्य को वृष राशि में स्थित दिखाया गया

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ज्योतिष में ग्रहों की उच्च क्षेत्र, मूल त्रिकोण, और स्वग्रह स्थिति

उच्च क्षेत्र, मूल त्रिकोण तथा स्वग्रह के संबंध में विशेष विचार नवग्रहों के उच्च क्षेत्रीय, मूल त्रिकोणस्थ तथा स्व्ग्रही होने के संबंध में विशेष रूप से नीचे लिखे अनुसार समझना चाहिए :

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ग्रहों के सम्मान: ऊँचा और नीचा स्थान

ग्रहों की उच्च तथा नीच स्थिति जातक की जन्म कुंडली में जिस राशि के जितने अंश गत हो चुके हों, उसके अनुसार विभिन्न ग्रह उच्च तथा नीच स्थिति को प्राप्त करते हैं | (1) ग्रहों की उच्च स्थिति – ग्रहों की उच्च स्थिति के बारे में नीचे लिखे अनुसार समझना चाहिए : (1) सूर्य –

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The Significance of the Seventh House Lord in a Horoscope Chart

When analyzing the significance of the seventh house lord in a horoscope chart, it is important to consider the zodiac sign and planetary aspects involved. The zodiac sign in which the seventh house lord is placed can indicate the qualities and characteristics we seek in a partner or the type of individuals we attract into

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Astrology

Unlocking the Mysteries of the Full Moon in May 2024

The full moon in May 2024 is known as the Flower Moon, named after the blooming flowers that mark the arrival of spring in the Northern Hemisphere. This full moon is a time of renewal and growth, symbolizing the blossoming of new beginnings and the potential for transformation. During this particular full moon, the energy

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Astrology

The Sixth House Lord in Vedic Astrology

The Significance of the Sixth House Lord in Vedic Astrology The Sixth House Lord: Vedic astrology, also known as Jyotish, is an ancient system of astrology that originated in India. It provides valuable insights into various aspects of life, including career, relationships, health, and more. In Vedic astrology, each planet is assigned rulership over specific

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Astrology

द्वादशभाव : ज्योतिष शास्त्र में द्वादश भावों का महत्व

द्वादशभाव जन्म कुंडली में बारह खाने होते हैं | इन्हे “घर” “स्थान” अथवा “भाव” कहा जाता है | जन्म कुंडली के द्वादश भाव ऊपर दी गई उदहारण कुंडली में इन द्वादश भावों को प्रदर्शित किया गया है | जन्म कुंडली के बारह भावों के नाम क्रमश : इस प्रकार हैं : द्वादशभवों का परिचय जन्म

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Astrology

ग्रहों की प्रकृति और स्वभाव: Astrology and planets

ग्रहों की प्रकृति और स्वभाव किस ग्रह का स्वभाव और प्रभाव कैसा है और उसके द्वारा किन बातों का विचार का विचार किया जाता है, इसे नीचे लिखे अनुसार समझना चाहिए – सूर्य लग्न से सप्तम स्थान में बली तथा मकर राशि में छह राशियों तक चेष्टाबली होता है | सूर्य को पाप ग्रह माना

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Astrology, ज्योतिष

जानिए हिन्दू पंचांग की तिथियों और नक्षत्रों के देवताओ के बारे में

तिथियों के स्वामी प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि, द्वितीय के ब्रह्मा, तृतीया की गौरी, चतुर्थी के गणेश, पंचमी के शेषनाग, षष्ठी के कार्तिकेय, सप्तमी के सूर्य, अष्टमी के शिव, नवमी की दुर्गा, दशमी के काल, एकादशी के विश्वेदेवा, द्वादशी के विष्णु, त्रयोदशी के कामदेव, चतुर्दशी के शिव, पूर्णमासी के चन्द्रमा तथा अमावस्या के पितर हैं

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Astrology, ज्योतिष

राशियों के स्वभाव और प्रभाव: ज्योतिष अनुसार विश्लेषण

राशियों का स्वभाव और प्रभाव किसी राशि का स्वभाव और प्रभाव केसा है और उसके द्वारा किन बातों का विचार किया जाता है – इसे नीचे लिखे अनुसार समझना चाहिए :-

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The Significance of the Fifth House Lord in Vedic Astrology

The Importance of the Fifth House Lord in Vedic Astrology In Vedic astrology, the fifth house lord holds significant importance as it plays a crucial role in shaping various aspects of an individual’s life. The fifth house is associated with creativity, intelligence, education, children, and speculative activities. The lord of this house influences these areas

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